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सामाजिक जागरूकता संदेश - जैसे को तैसा Share on

सामाजिक जागरूकता संदेश आज के समय में अत्यधिक सीधापन सिर्फ नुकसान कराता है। जैसे सीधे पेड़ सबसे पहले काटे जाते हैं, वैसे ही ज़रूरत से ज़्यादा सीधे और भले इंसान का लोग अक्सर नाजायज फ़ायदा उठाते हैं। 'जैसे को तैसा' या **"जो जिस भाषा में समझे, उसे उसी भाषा में समझाना"** आज के दौर में कोई बुराई नहीं, बल्कि खुद को सुरक्षित रखने की एक कला है। **सम्मान के बदले सम्मान : - ** जो इंसान तमीज और इज्जत से बात करे, उसके लिए पलकें बिछा दीजिए। * **तर्क के बदले तर्क : - ** जो इंसान बुद्धि या बहस से बात करना चाहे, उसे तथ्यों के साथ जवाब दीजिए। * **कठोरता के बदले सीमाएं : - ** और जो इंसान सिर्फ चालाकी, स्वार्थ या अकड़ की भाषा समझता है, उसे उसी के अंदाज में (या फिर उससे पूरी तरह दूरी बनाकर) उसकी सही जगह दिखाना बहुत ज़रूरी है। इसे चालाकी नहीं, बल्कि "व्यावहारिक होना" कहते हैं। अपनी अच्छाई को कमजोरी मत बनने दीजिए, क्योंकि यह दुनिया उतनी मासूम नहीं है जितना हम कभी-कभी सोच लेते है ! अखिल भारतीय गुजराती बलाई युवा संघ अखिल भारतीय गुजराती बलाई युवा संघ अखिल भारतीय गुजराती बलाई छोटेलाल डोडिया Adv Ashok Kumar Gujrati नवलसिंह ओसवाल Pappu Parmar Ambaram Baniya Mohan Makwana Lasudiya Bazar Badal GD Gujrati #गुजराती_समाज #आओ_समाज_की_मोबाइल_एप_को_जाने #जय_युवा_संघ #युवा_संघ_परिवार #gujrati_samaj #akhilbhartiyagujratibalaiyuvasangh